Friday, September 7, 2007

गागर में भरती सागर ...

बात हो अगर शब्दों की
तरकश में इनके कमी नही
दिखती थी जैसे
अर्जुन को आंख उस चिडि़या की
निशाना इनका भी अचूक रहता है
एक एक शब्द है सधा हुआ
आपना निशाना लिया हुआ
किस शब्द को कहॉ मिलेगा मान
और कहॉ आएगी उस से जान
इन सब बातों का है;उनको गूढ़ ज्ञान
अगर करुंगा मैं शब्दों जा ज्यदा इस्तमाल
शायद होगा वो उनका अपमान
गागर में सागर यें भरती है
चन्द शब्दों में बड़ी बात कहती है यें
"रचना" है इनका नाम ...

--- अमित ०६/०७/०९

2 comments:

Rachna said...

kya baat hae amit koi research kar rahe ho lady authors per !!! pehlae sunita ab mae
but any ways thank you very much fro the love and respect that you have for us

Yatish Jain said...

रचना-भवनाओ और शब्दो की संरचना