Tuesday, March 11, 2008

आई एक मेल ...

आज सुबह जब ऑफिस पहुंचे
देखा एक गुड मोर्निंग का मेल आया
यों तो , ये हमारे नये मित्र है
पर हमे अचरज ये हुआ
यकायक इन्हे हमारा ख्याल क्यों आया
उत्सुकतावश हमे मेल जा खोला
मेल देख हुई बड़ी हैरानी
कुछ कुशल क्षेम न पूछी थी
बस एक वेब साइट का लिंक आया था
हम ठहरे , थोड़े शौकीन
सोचा किसी कविता का पता बताया होगा
पहुंचे जब हम वेब साइट
देख उसे सर हमारा चकराया
पॉप -उप होते विज्ञापनों में
बस पैसा-पैसा-पैसा छाया था
ये कुछ और नही
मनी कंट्रोल का लिंक आया था
हमारे ये मित्र भी अजीब है
इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी के हो कर
शेयर बाज़ार के करीब है
बाज़ार की तेज़ी - मंदी
इनकी नब्ज़ में झलकती है
जब भी मिल जाओ इनसे
बस शेयर की की बात चलती है
ये भी हम से अनजान है
शेयर की भाषा न हमे आती है
कविता करना बस एक शौक है
ये तो इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी है
जिस से हमारी रोटी चल जाती है ...
--- अमित ११/०३/२००८

2 comments:

Anonymous said...

Mitra, ek salah hai. Kuchh jyada samay lekar kavitaa likte to kavita kuchh jyada hi lay main hoti. :)

Wireless said...

Hello. This post is likeable, and your blog is very interesting, congratulations :-). I will add in my blogroll =). If possible gives a last there on my blog, it is about the Wireless, I hope you enjoy. The address is http://wireless-brasil.blogspot.com. A hug.