Wednesday, October 10, 2007

सम्मान ...

क्यों होता है ऐसा
करते सब है एक सा
मगर कोई याद रहता
और कोई भुला दिया जाता
कुर्बानी तो सब देते हैं
कोई इतिहास बन जाता
और कोई इतिहास में खो जाता
किसी के पसीने की बूंदे गिरे
तो दुनिया में जोश दौड़ जाता
और किसी का ख़ून भी बह जाये
तो लोगो के माथे पर शिकन ना आता
शहीद हुए थे वो तो , शहीद हुए थे ये भी
फिर क्यों एक का जन्म दिन और पुण्य तिथि
हम सब को हमेशा याद दिलाया जाता
और दूजे की समाधि पर कोई फूल ना चढाया जाता
आख़िर ऐसा क्यों है
क्यों अपने लोगो में भेद भाव किया है जाता
किस की है गलती, किस को दे दोष
हमी है जिसने किया ये फैसला है
ये एक फैसला भर ही है
क्या ये बदला नही जा सकता
है जो जिस सम्मान का अधिकारी
उसे वो सम्मान नही दिया जा सकता ?
--- अमित १०/१०/०७

4 comments:

Anonymous said...

very very nice amit , keep the good work going . i liked it
rachna

Anonymous said...

सही सवाल है और सही सोच.
बढ़िया लिखा है बन्धु.

सही कहते हो - ये एक फैसला भर ही है.
बहुत अच्छा लिखा है.

दुर्गा

abhi said...

a really nice thought to be put in words is really difficult .

Hatts of to u mate...

Itna accha likhne kaa jasba apne dil main hamesha rakho....

Manish said...

sahi kaha aapne..likhte rahein